Train Pantry mystery: पैंट्री कार वाले चाय ,कॉफ़ी का गर्म पानी पैंट्री में लगे वाटर हीटर या विशेष गीजर से लेते हैं . साथ ही , पैंट्री का प्रयोग मुख्यतः भोजन के भण्डारण के लिए करते हैं , कुकिंग अत्यल्प ही पैंट्री में होता है .

Train Pantry mystery –

यह नियम का उल्लंघन इसलिए नहीं है क्योंकि रेल के नियमों के अंतर्गत निर्धारित सुरक्षित तरीके से यह काम किया जा सकता है.

आइए देखते हैं , पैंट्री कार में सुरक्षा के कितने पुख्ता इंतजाम हैं .

एक -आजकल केवल LHB डब्बे बन रहे हैं – और LHB पैंट्री में – सारे बिजली के उपकरण खाना बनाने के लिए होते हैं . इंडक्शन हीटर , हॉट प्लेट, वाटर हीटर या गीजर इत्यादि . सो गैस का प्रयोग होता ही नहीं हैं

दो – ICF डिजाइन के पैंट्री में गैस होता है . पर यह गैस अलग अलग चूल्हों में सिलिंडर लगने वाला नहीं होता है . बल्कि जैसा होटल में होता है – सिलिंडर का केन्द्रीय बैंक होता है , जिसे चूल्हे से अलग, एक बाथरूम वाली जगह में दरवाज़े के अन्दर बंद कर रखा जाता है . इस गैस बैंक से सीमलेस पाइप ( बिना जोड़ वाला पाइप ) द्वारा गैस अलग अलग चूल्हों में विभिन्न रेगुलेटर के माध्यम से आता है . पैंट्री के भीतर गैस पाइप लाइन लगाने का काम अंत्यंत ही विशिष्ट काम है . इसीलिए यह काम आयल कंपनी यथा IOC, BP, HP के अधिकृत एजेंसी /संवेदक से ही कराया जाता है . सो यह अत्यंत ही सुरक्षित है .

इसके अलावा , पैंट्री कार में अत्याधुनिक एस्पिरेशन टाइप स्मोक और फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम लगा होता है जो आग लगने पर उठते हुए धुंए और बढ़ते हुए ताप को तुरंत भांप जाता है . और पैंट्री स्टाफ के केबिन में अलर्ट का संकेत भेजता है और एक सीमा के बाद अलार्म बजाता है . अलार्म बजने के बाद बाकी स्टाफ पैंट्री खाली कर देते हैं – सिवाय अग्निशमन यंत्र को ऑपरेट करनेवाले के . यहाँ यह बता दें कि – स्मोक डिटेक्शन सिस्टम – अत्याधुनिक है और अन्तराष्ट्रीय रेल संगठन (UIC – Union Internationale des Chemins de fer ) के अनुरूप है और EN 54–20 के अनुसार ख़रीदा जाता है ( जैसे भारत में BIS या IS मार्का होता है वैसे ही यूरोप के standard या मानक को EN कहते हैं ) . धुयाँ का डिटेक्शन वहुत पहले ही कर लिया जाता है . तकनीकी भाषा में इसे very early detection कहते हैं नीचे चित्र देखें –

घरेलु अलार्म जो फोटो इलेक्ट्रिक या रेडियोएक्टिव आयन टाइप होते हैं – वो C टाइप कहलाता है , जबकि, पैंट्री का very early डिटेक्शन सिस्टम A टाइप से भी बेहतर होता है . यह कितना बेहतर होता है , आईए नीचे ग्राफ में देखें (500 गुणा बेहतर )

नीले रंग वाला पैंट्री का है – घर का सबसे बढ़िया भी लाल ? वाला आयोनायेजेशन टाइप होगा , सो यह .8 /.0015 = 533 गुणा बेहतर हुआ .

obs/ft = Obscuration per feet – धुंआ मापने का यह मान्य यूनिट है ( Obs/ft or Obs/m)

इस हेतु पैंट्री में 5 धुआँ सेंसर और 4 हीट सेंसर लगा रहता है .

धुंआ या आग की ताप भांपकर , ये वाटर फोग छोड़ता है . जिसमें पानी के अति सूक्ष्म कण 10 माइक्रोन – 100 माइक्रोन साइज़ के होते हैं , इतने सूक्ष्म कण के कारण पानी का क्षेत्र फल हजारों गुणा बढ़ जाता है . पानी को इतने सूक्ष्म कण में तोड़ने के लिए 200 BAR का अति उच्च दबाव ( कार के टायर का सौ गुणा ) बनाया जाता है , इसके लिए नाइट्रोजन का प्रयोग करते हैं . लिक्विड नाइट्रोजन -200℃ ( माइनस 200 ℃ ) पर रहता है , सो इतना ठंडा नाइट्रोजन जब अति सूक्ष्म पानी के कण के साथ मिल कर आग पर पड़ता है तो उसे तुरंत बुझा देता है .

सामान्य परिस्थितयों में पैंट्री कार ( जो दो बसों से ज्यादा लम्बा है ) की आग बुझाने में 3–4 दमकल की गाड़ियां लग जाएँगी और घंटों लगेंगे – पर रेल के डब्बे में इतना पानी लेकर चलना असंभव है – सो – उच्च दाब और लिक्विड नाइट्रोजन की मदद से पानी की जरुरत को बेहद घटा दिया जाता है . यह अत्याधुनिक सिस्टम पुरे पैंट्री कार की आग को अकेले बुझाने में सक्षम है . साथ ही स्मोक और फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम – ट्रेन की ब्रेक से भी जुड़ा होता है – और उसे भी आटोमेटिक लगा देता है , ताकि ट्रेन रुक जाए और आग दुसरे डब्बों में नहीं फैले और पैंट्री के कर्मचारी सुरक्षित उतर जाएँ .

सरंक्षा के इतने उच्च स्तरीय उपाय के बाद ही , पैंट्री में चाय कॉफ़ी या अन्य भोज्य पदार्थ बनाने की अनुमति दी जाती है . यह इतना उच्च स्तरीय और प्रभावकारी है कि – न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में भी इसी प्रकार का सिस्टम प्रयोग किया जाता है .